
आओ एक खाब का सौदा करलें
हम अपने गमों को साथ-साथ जुदा करलें
वक्त के साथ-साथ धुल जायेंगे पुराने निशाँ
आओ नए सुखों को साझा करलें
रिश्ते बनते है बिगड़ते है पुराने होने के लिए
आओ इस मोड़ पे हम कुछ नया करलें

एक दिन यूँ ही
ख्यालों की डोर थामे
निकलगया भरे आकाश मे,
भीग गया सपनों के बादल मे,
कुछ देर मे बादल छटे,
आसमां साफ हुआ,
डिम्पल पड़े थे
उम्मीदों के आकाश मे …

उम्मीदें कुछ धुधली सी है
चमकती है
और
ओझल हो जाती है.
ना जाने कब थमेगा
ये सिलसिला.
पर कहीं ना कहीं
छिपी है वो
जो साथ देगी मेरा
एक दिन …

आज कोई ख्वाब टूटा है कही
कही न कहीं सबके ख्वाब टूटते है
पर मन का इकतारा
बजाता रहता है एक धुन
बार बार जुड़ने की.
ये धुन कभी बंद नहीं होती
हम ही इकतारे के
दिए की तरह
मिल जाते है मिट्टी मे
पर ये तार ख्वाबो के
जुड़े रहते है कही न कही
आज हम से कल किसी और से …