आज हुई एक मुलाकात
कुछ-कुछ जाने पहचाने से,
बहुत सीनियर दिखते थे वो
बिजी थे,
कुछ बातें हुई
जाना एक दूसरे को
फिट उम्र पूछी उन्होंने मेरी
और तपाक से बोले
तुम मुझसे ४ महीने बड़े हो,
मै कुछ समझ नही पाया क्या कहूँ
सामने एक तजुर्बेकार
ज्यादा उम्र का दिखने वाला
एक इंसान बड़ी ही
आत्मीयता से
मुझसे बोल रहा था,
मै उनकी बातें
एक उम्मीद की तरह
सुन रहा था
और सोच रहा था
क्या होता है
बड़ा – छोटा
अपने अपने दरवाजों के पीछे
सब बड़े है,
सब बड़े है अपने अपने
दायरों में …

2 Responses to “दायरों में …”

  1. bhootnath Says:

    ……मन मोह लिया है आपकी कविताओं ने सच……!!

  2. Pramod Kumar Kush Says:

    Dear Yatish

    Bahut achchha likhtay hein aap.I wish u great success…

    Regards

    P K Kush

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