रोज नए रंग में मिलती है ज़िन्दगी
रोज रिश्ते नए रंग दिखाते है,
मेलजोल भाईचारा
सब रंगों में ही तो रमे है
रोज रंगते है हम
इन रंगों में,
रोज नए ढंग से
रंगती है जिंदगी
रोज एक होली होती है …

7 Responses to “रोज एक होली होती है”

  1. sandeep kalsi Says:

    Yah dost it true, zindgi roj ek holi hoti ha, kabhi yeh black n white Toh kabhi colourful hoti ha.
    good keep itup.Best wishes
    SANDEEP

  2. rachna Says:

    bahut khub

  3. nimikhanna Says:

    rang hi rang hai
    agar dekho
    indradhanush ke rang chipe nahin rehte
    agar dekho

  4. Jainkashi Says:

    ashirvaad,
    yathish ji recived your website
    we are proud about your decative work
    goodluck’happy asthnika parva
    with blessings
    swamiji

  5. Manish Kumar Says:

    Bhai apni zindgi to bahut monochromatic hai…kaash ye girgit ki tarah rang badalti…aur male jole toh ab sirf mail aur zhol tak hee reh gaya hai..;o)…baki lagta hai ki colour blindness hone lagi hai…

  6. Yatish Says:

    Dear Manish
    गिरगिट रंग बदलता नहीं है, रंग बदलना तो उसका स्वभाव होता है, फितरत होती है.

  7. Manoj Kureel Says:

    मोहतरम संदीप कलसी की बात से में भी इत्तेफाक रखता हूँ..जिंदगी हर दिन एक होली है किसी के लिए स्याह रंग चुने है किस्मत ने,, तो किसी के मुक़द्दर में हसीन लबों की लाली,,रुखसार से गुलाबी,,रेशमी जुल्फों से सुन्हेंहरा और नकदी से हरे रंग के गुलाल आते है..कोई अपनी गुदड़ी में मुतमईन है तो कोई महलों में परेशां है.
    बहरहाल यतीश भाई..एक कलाम के नज़रिए से आपका रंग जेहन में चढ़ गया है,,चुकी आपके कलाम में जिंदगी के रंग नज़र आते है.हम लोग तो महज जिंदगी को नज़रों से देखते है,मगर आप जैसा कवि जिंदगी को मुख्तलिफ चश्मों से देखता है.
    -Manoj kureel

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