चाह कितनी तेज होती है
ना चेहरा देखा
ना बात की ,
पढ़ा कुछ अल्फाजों को
और छू गए दिल को,
एक लम्बी सॉँस ली
और सारा बदन सिहर गया.

ऐसा ही होता है
शब्दों का जादू
अच्छे लगे तो
सबकुछ अच्छा लगता है
बिन देखे
बिन जाने

6 Responses to “जादू”

  1. rachna Says:

    good one yatish

  2. Dimple Says:

    Nice composition…
    It is tough to write about true aspects of life
    and this talent you have … :)

  3. Yatish Says:

    thnx Dimple
    ये सब तरंगें है जिसे दिमाग नजाने कैसे पकड़ लेता है. लोग धक्का मारते है, लिखने को कहते है और ये उतर जाती है कागज पर
    you also hv that talent
    आप जिस तरह लिखते हो, समझने वाले को निशब्द कर देते हो

  4. तिलक राज कपूर Says:

    क्‍या बात है भाई क्‍या बात है!

  5. Urmi Says:

    बहुत खूब लिखा है आपने! उम्दा रचना!

  6. rajat narula Says:

    उम्दा रचना!
    I loved it ! short and sweat with some great sense of self realization !

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