
आज ना रंग ख़रीदे
ना किसी पे डाले,
सब मुझे ही रंगते रहे,
दोपहर जब नहाया
तो कोई रंग ना था बदन पर
सब कच्चे थे,
मिलावटी थे…

रोज नए रंग में मिलती है ज़िन्दगी
रोज रिश्ते नए रंग दिखाते है,
मेलजोल भाईचारा
सब रंगों में ही तो रमे है
रोज रंगते है हम
इन रंगों में,
रोज नए ढंग से
रंगती है जिंदगी
रोज एक होली होती है …
खुशियों का
कोई दिन नही होता,
जब चाहे मनाओ,
पर फुरसत कहाँ है
इस दौड़ धुप में,
तभी तो उपरवाले ने
त्यौहार बनाये है
हर मौसम में,
होली, दिवाली, ईद
और अब लो
आ गया क्रिसमस.
Merry Christmas
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यतीष जैन