Spread the love


नाम याद नहीं रहते
चेहरे बोलते है,
बोलती है उनकी परछाइयां ,
रोज़ कोई आता है
कोई चला जाता है,
ना जाने ये सिलसिला
कब से चालू है,
पर कोई अपनी
छाप छोड़ जाता है,
कोई याद रह जाता है,
दुनियां की इस भीड़ मे
क़तरा-क़तरा…

2 Responses to “चेहरे बोलते है”

  1. Priya Says:

    *Applaud*

  2. मीनाक्षी Says:

    कोई याद रह जाता है,
    दुनियां की इस भीड़ मे
    क़तरा-क़तरा… सौ फीसदी सच है…

Leave a Reply

© 2020-2026 Qatra-Qatra क़तरा-क़तरा All Rights Reserved -- Copyright notice by Blog Copyright