आखें पथरागयी है इंतजार मे
उन्होंने कहा था कल करूँगा.
ना कोई चिठ्ठी है, ना सन्देश
मुआ मोबाईल भी थक गया है
कहानिया सुन सुन के,
चेट पर हरी बत्ती जलती रहती है
चक्छु दोस होगया है मुझे
हरा, लाल दिखने लगा है

आज मन अंतर्मन की सुन रहा है
किसी ने कहा था ,
कल कभी नहीं आता
आज देख भी लिया,
कुछ कल के वादों की
वेटिंग भी ख़त्म हो गयी है
और ट्रेन जा चुकी है
कुछ का वजूद मिट गया है
और कुछ, कुछ ना कुछ की कगार पर है

मन करता है की
कैलाश पर चला जाऊ,
बर्फ की ठंडी चादर ओड़
एक कल बन जाऊ
जो कहता था
आज ही कर लो जो करना है
कल को किसने देखा है
जिंदगी आज में है क़तरा – क़तरा

जो रास्ते बड़े लगते थे
तय करने मे छोटे हो गए,
जो आसमा बड़ा लगता था सपनों केलिए
आज सपने आसमा से बड़े हो गए.

मै चला था सफ़र में सबके साथ,
पर अकेला था.
आज अकेला हूँ
पर साथ है सबका.

आजकल बहुत रोता हूँ मैं,
आंसुओ को हसना सिखा दिया है.
थम गया परिस्थितिओं  पे रोना अब
आज रोते रोते भी हसता हूँ मै.

कोई चले या न चले
मुझको तो चलना है,
रास्ता भी मै – मंजिल भी मै,
मुझको तो बस चलाना है.

आज मुझसे मेरी मुलाकात हो गयी.
आज मुझसे मेरी बात हो गयी,
सालों से न जाने कौन था मै
आज मुझसे मेरी शुरु आत  हो गयी.

चलता था तो पहले भी
पर चलता था घुटनों के बल,
पहली बार खड़ा हुआ हूँ
आज कल को कह दिया कल.

कहता था जो कल की कहानी
कल में खो गया वो,
आज की बात करो
आज अभी में  हूँ मै.

Dedicated to Landmark


नाम याद नहीं रहते
चेहरे बोलते है,
बोलती है उनकी परछाइयां ,
रोज़ कोई आता है
कोई चला जाता है,
ना जाने ये सिलसिला
कब से चालू है,
पर कोई अपनी
छाप छोड़ जाता है,
कोई याद रह जाता है,
दुनियां की इस भीड़ मे
क़तरा-क़तरा…

जो देखा वही पेश कर रहा हूँ ,
हुआ यूँ कि एक दोस्त ने बुलाया
अन्ना हजारे के अनसन पर,
मै पहुच गया
कुछ अच्छे शोट लेने के लिए,
Virtual Tour बनाना चाहता था,

पर जब मीडिया के माइकस  ट्राईपोड पर
सुस्ता रहे थे,
लोगों के नारे वातावरण को झुमा रहे थे
बच्चों से लेकर बुड्डे गा रहे थे
कई बड़ी हस्तियाँ अन्ना के प्रति
अपना समर्थन जाता रही थी ,
नए युग कि एक नयी महक आ रही थी

कानो में एक जोशीला गीत सुनाई दिया
आखों ने कुछ और कैद करना शुरू किया
पैर वही थम गए
केमेरा अपने आप ही विडियो मोड़ पे आ गया
और फिर शुरु  हो गया
नए शोट्स के इत्ताफकों का
नया सिलसिला क़तरा- क़तरा

Click on image for virtual Tour

जिंदगी एक उत्सव है
इस उत्सव में
कई और उत्सव,
कभी नृत्य का
कभी संगीत का
कभी सुरों का,
हर उत्सव में रंग है
और रंगों का एक
उत्सव है
“होली
होली मुबारक

सपनों की उड़ान बहुत ऊँची होती है
इतनी की हर उचाई छोटी पड़ जाती है
पर मन इसे देखना भूलता नहीं,
वो जाने अनजाने कोशिश करता रहता है ;
उसे  पाने की
उसको जीने की,
बस एक कोशिश
क्यों की कोशिश से उसे कोई नहीं रोक सकता
चाहे वो छोटी ही क्यों ना हो.

दोस्तो इत्तफ़ाक़ भी बड़ी अजब चीज है ज़िन्दगी मे
हुआ यू की मै राजनाथ कामथ जी के ऑफिस गया
कुछ काम के सिलशिले मे,
सर काफी बिजी थे फोन काल्स मे,
मै बैठा बैठा उनके ऑफिस इधर उधर देखने लगा
उनके व्यक्तित्व के रंगों को निहारने लगा,
बस यही हुआ एक इत्तफाक
कैमरा मेरे साथ था
आँखे बहुत कुछ पढ़ने लगी
अंगुलिया फोकस पुल करने लगी
ना tripod था ना dolly
ना jib ना extra light,
फ़ोन पर बातों का सिलशिला लम्बा चला
और मेरा aperture भी पूरा खुला,
एक कांसेप्ट जो मे कब से सोच रहा था
आज उसका जन्म हुआ
एक पोट्रेट कुछ अलग तरह का.
ये राज आज खुल गया
ये काम आज से चल गया
दोस्तो आपकी दुआ रही तो
तो होते रागे ऐसे इत्तफ़ाक़
ज़िन्दगी भर क़तरा क़तरा…

2011

आज साल २०११ है
इस शताब्दी का पहला
दो सामान नंबरों का साल,
दो बराबर वालों का साल.

कहते है
एक और एक दो होते है,
कहते है
एक और एक साथ हों
तो ग्यारह भी होते है.

आओ साथ मिलें,
वक्त के इस ११ वे साल में
१ और १
११ बनायें.
साथ निभाएं…
शुभकामनायें …

आओ एक खाब का सौदा करलें
हम अपने गमों को साथ-साथ जुदा करलें

वक्त के साथ-साथ धुल जायेंगे पुराने निशाँ
आओ नए सुखों को साझा करलें

रिश्ते बनते है बिगड़ते है पुराने होने के लिए
आओ इस मोड़ पे हम कुछ नया करलें

एक दिन यूँ ही
ख्यालों की डोर थामे
निकलगया भरे आकाश मे,
भीग गया सपनों के बादल मे,
कुछ देर मे बादल छटे,
आसमां साफ हुआ,

डिम्पल पड़े थे
उम्मीदों के आकाश मे …

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